Friday, March 4, 2016

बढ़े चलो

 मेरे देश के नौनिहालों बढ़े चलो
हर आँख की आस को पूरा करे चलो

राह कठिन तो है असंभव  नहीं
हो बापू की आस , भगत सिंह की हुंकार
झाँसी की रानी सी वीरता , बोस सा साहस
ले  कर्तव्य पथ पे डटे रहो .............

तुम बनो निर्माता नव भारत के
माँ भारती तुम्हें पुकार के कहे
तोड़ो जात पात के बंधन
भारत माँ के लाल हो याद रहे

इक नया इतिहास तुम्हे बनाना है
हर लव पे हो झंडा ऊँचा रहे हमारा
सब धर्मो से उपर राष्ट्र धर्म बनाना है
जय माँ भारती , जय माँ शारदे कहे चलो

मेरे देश के नौनिहालों बढ़े चलो
हर आँख की आस को पूरा करे चलो






3 comments:

  1. Looking to publish Online Books, in Ebook and paperback version, publish book with best
    self publisher India

    ReplyDelete
  2. बहुत ही सुन्दर और बेहतरीन प्रस्तुति, महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें।

    ReplyDelete
  3. धन्यवाद राजेन्द्र कुमार जी

    ReplyDelete